Seraikela: सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने राजनगर प्रखंड के बी.एल. नेवतिया +2 हाई स्कूल, ईचा का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षक और छात्र उपस्थिति के साथ पढ़ाई की प्रगति का जायजा लिया. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय की व्यवस्था में जरूरी सुधार करना, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना रहा.
शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचने का निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति की जानकारी ली. इसके साथ ही कक्षाओं में चल रहे पठन-पाठन, पाठ्यक्रम की प्रगति और स्कूल की अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की. उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचने और अपने दायित्वों का नियमित एवं प्रभावी तरीके से निर्वहन करने का निर्देश दिया.
छात्रों की 90% उपस्थिति पर विशेष जोर
कैलाश मिश्रा ने विद्यार्थियों की कम से कम 90 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि जो छात्र लगातार अनुपस्थित रहते हैं, उनके अनुपस्थित रहने का कारण पता लगाया जाए. ऐसे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया.
18 साल के छात्रों का मतदाता पंजीकरण कराने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र विद्यार्थियों के मतदाता पंजीकरण पर भी चर्चा हुई. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने ऐसे छात्रों से फॉर्म-6 भरवाने में जरूरी सहयोग और मार्गदर्शन देने को कहा. उन्होंने विद्यार्थियों को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया और मतदान के अधिकार के महत्व के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया.
समय पर पूरा हो सिलेबस और RAIL Data Entry
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निर्धारित स्प्लिट सिलेबस को तय समय के भीतर पूरा करने को कहा. साथ ही विद्यार्थियों की क्षमता और सीखने के स्तर के अनुसार गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई कराने का निर्देश दिया. उन्होंने RAIL Data Entry का काम परीक्षा समाप्त होने के एक सप्ताह के भीतर पूरा करने को भी कहा.
खेल और गतिविधियों के जरिए पढ़ाई पर जोर
विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाने के लिए खेल-खेल में शिक्षा और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ स्वच्छता, अनुशासन, आपसी सहयोग, संवाद और व्यवहार-कौशल जैसी जरूरी बातों की जानकारी भी दी जाए. इससे बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके सामाजिक और व्यक्तिगत विकास में भी मदद मिलेगी.
बच्चों से सीधे बात कर जानी पढ़ाई की स्थिति
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की. उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, स्कूल में उपस्थिति, अलग-अलग विषयों की समझ और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली. उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्कूल आने, समय पर कक्षा में पहुंचने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया. साथ ही, किसी विषय को समझने में परेशानी होने पर शिक्षकों से खुलकर अपनी समस्या साझा करने की सलाह दी.
कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त पढ़ाई की व्यवस्था
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षकों को प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति का नियमित आकलन करने का निर्देश दिया. जिन विद्यार्थियों को किसी विषय या पाठ को समझने में परेशानी हो रही है, उनकी पहचान कर सुधारात्मक और अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था करने को कहा गया. कमजोर विद्यार्थियों की प्रगति पर विशेष नजर रखते हुए उनके स्तर में सुधार के लिए लगातार प्रयास करने का निर्देश दिया गया.
स्वच्छ और सुरक्षित माहौल बनाए रखने पर जोर
विद्यालय में शिक्षक और छात्र उपस्थिति की नियमित निगरानी के साथ कक्षाओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया. उन्होंने विद्यालय परिसर में स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए. पढ़ाई के साथ बच्चों को खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और बेहतर स्कूल प्रबंधन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इसके लिए सभी शिक्षकों को जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया.