Jharkhand: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल धंसने की घटना को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चिंता जताई है. जानकारी के मुताबिक, हादसे में झारखंड के खूंटी, गुमला समेत अन्य जिलों के कुछ श्रमिकों के फंसे होने की खबर है. मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की. उन्होंने झारखंड के श्रमिकों की स्थिति और चल रहे बचाव अभियान की जानकारी ली.
धामी ने सुरक्षित रेस्क्यू का दिया भरोसा
हेमंत सोरेन के मुताबिक, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि टनल में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है. प्रशासन की टीमें मौके पर काम कर रही हैं.
प्रकृति के साथ संतुलन जरूरी- हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने सुरंग हादसों को लेकर निर्माण कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन का ध्यान रखने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन सुरंगों में बार-बार होने वाले हादसे और श्रमिकों के फंसने की घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं. प्रकृति के अत्यधिक दोहन के दुष्परिणामों से लगातार सीख लेने की जरूरत है.
परिजनों से कंट्रोल रूम में जानकारी देने की अपील
मुख्यमंत्री ने झारखंड के उन लोगों से राज्य सरकार के कंट्रोल रूम से संपर्क करने की अपील की है, जिनके परिवार के सदस्य या परिचित इस परियोजना में काम कर रहे हैं.
झारखंड सरकार के हेल्पलाइन नंबर:
टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-3456-526
व्हाट्सएप: 9470132591
व्हाट्सएप: 9431336472
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता टनल में फंसे झारखंड के श्रमिकों की सुरक्षित वापसी है.