Jamshedpur Football Fans: जमशेदपुर एफसी के इंडियन सुपर लीग से बाहर होने की चर्चाओं के बीच क्लब के प्रशंसकों की चिंता बढ़ गई है. जेएफसी को बचाने की मुहिम अब जमशेदपुर से मुंबई तक पहुंच गई है. बुधवार को क्लब के कुछ प्रशंसक मुंबई स्थित टाटा समूह के मुख्यालय बॉम्बे हाउस पहुंचे और जेएफसी को जारी रखने की मांग की.
प्रशंसकों ने टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा, टाटा संस के निदेशकों और टाटा स्टील के चेयरमैन के नाम पत्र सौंपा. पत्र में टाटा समूह से अपील की गई कि सिर्फ कारोबारी फायदे और नुकसान को ध्यान में न रखते हुए जमशेदपुर और भारतीय फुटबॉल के हित में जेएफसी के भविष्य को सुरक्षित रखा जाए.
बॉम्बे हाउस जाकर सौंपा पत्र
बुधवार सुबह करीब 10:32 बजे प्रशंसकों ने मुंबई के बॉम्बे हाउस के सेंट्रल रिसीविंग सेक्शन में अपना पत्र जमा किया. यह पत्र “द इंडियन फुटबॉल फैन” की ओर से टाटा समूह के शीर्ष अधिकारियों को सौंपा गया. प्रशंसकों ने कहा कि जमशेदपुर एफसी उनके लिए सिर्फ एक फुटबॉल टीम नहीं है. क्लब शहर की पहचान का हिस्सा है और इससे जमशेदपुर के युवाओं के कई सपने जुड़े हुए हैं.
टाटा समूह की पुरानी खेल विरासत का दिया हवाला
फैंस ने अपने पत्र में टाटा समूह के खेलों के प्रति पुराने योगदान का भी जिक्र किया. उन्होंने 1920 के दौर को याद करते हुए कहा कि सर दोराबजी टाटा ने भारत की ओलंपिक यात्रा में अहम भूमिका निभाई थी. प्रशंसकों का कहना है कि जिस समूह ने करीब 100 साल पहले भारतीय खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं का समर्थन किया था, उससे अब भी भारतीय फुटबॉल के मुश्किल दौर में अपना सहयोग जारी रखने की उम्मीद है.
जेएफसी से जुड़ी है शहर की भावनाएं
प्रशंसकों ने कहा कि जेएफसी सिर्फ मैदान पर खेलने वाली टीम नहीं है, बल्कि यह जमशेदपुर के लोगों की भावनाओं से जुड़ा क्लब है. टाटा फुटबॉल अकादमी और जेएफसी ने कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया है. जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होने वाले घरेलू मुकाबलों के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी भी शहर में फुटबॉल के प्रति लोगों के जुनून को दिखाती है.
क्लब के भविष्य को लेकर बढ़ी बेचैनी
टाटा समूह में हाल के बदलावों के बीच जेएफसी के भविष्य को लेकर सामने आई खबरों ने प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है. उनका कहना है कि क्लब को केवल एक कारोबारी फैसले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. प्रशंसकों की मांग है कि जमशेदपुर की फुटबॉल संस्कृति, युवाओं के सपनों और क्लब की पहचान को बनाए रखा जाए. अब जेएफसी के प्रशंसकों की नजर टाटा समूह के फैसले पर है. देखना होगा कि प्रशंसकों की यह अपील क्लब के भविष्य को बचाने में कितनी अहम भूमिका निभाती है.