FCRA प्रस्ताव पर विपक्ष का विरोध
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय जैसे ही विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA से संबंधित प्रस्ताव सदन में रखने पहुंचे, विपक्षी सांसदों ने विरोध शुरू कर दिया. खड़गे ने सवाल उठाया कि जब यह विषय गृह मंत्रालय से जुड़ा है तो कैबिनेट मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद क्यों नहीं हैं. उन्होंने मांग की कि गृह मंत्री खुद सदन में आकर जवाब दें और तब तक प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया रोक दी जाए.
नड्डा ने विपक्ष के आरोपों को बताया बेबुनियाद
खड़गे के सवालों पर जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि सरकार संसद में सभी मुद्दों पर नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है. नड्डा ने विपक्ष से नारेबाजी और हंगामे के बजाय सदन की प्रक्रिया के अनुसार बहस में हिस्सा लेने की अपील की. इस दौरान सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
केरलम नाम, NCDC बिल और यशवंत वर्मा रिपोर्ट पर नजर
बुधवार की कार्यसूची में कई अहम मुद्दे शामिल हैं. अमित शाह द्वारा केरल राज्य का नाम बदलकर केरलम किए जाने से संबंधित प्रस्ताव सदन में रखा जाना है. इसके अलावा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम यानी NCDC के प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे में बदलाव से जुड़ा संशोधन विधेयक भी पेश किया जाएगा. न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से संबंधित जांच रिपोर्ट भी संसद में रखी जानी है, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी बढ़ने की संभावना है. संसद परिसर के बाहर भी विपक्षी सांसद झारखंड के छात्र आंदोलन समेत अन्य मुद्दों पर विरोध कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जवाब देने के लिए समय सीमा तय करना लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है और इससे सरकार अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है. समाचार लिखे जाने तक संसद में गतिरोध जारी है और आगे की कार्यवाही पर दोनों पक्षों के रुख पर नजर बनी हुई है.