Jharkhand: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा समेत एनडीए के सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया. मकर द्वार के पास हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने किया. प्रदर्शन में झारखंड एनडीए के साथ ओडिशा के सांसद भी शामिल हुए. सांसदों ने हाथों में पोस्टर लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की गई. आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस अगर छात्रों की मांगों को जायज मानती है, तो उसे राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर दबाव बनाना चाहिए.
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पर निशाना
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ बार-बार पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने दावा किया कि 11 अगस्त की रात आंदोलन स्थल पर प्रशासन पहुंचा, बिजली काट दी गई और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने का प्रयास किया गया. उन्होंने छात्राओं और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया. साहू ने कहा कि आंदोलनकारियों की आवाज सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई के जरिए उन्हें दबाने की कोशिश की गई.
"दिल्ली और झारखंड में कांग्रेस का अलग रुख क्यों?"
भाजपा नेता ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शनों को लेकर मुखर रहती है, लेकिन झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर उसकी चुप्पी सवाल खड़े करती है. साहू ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत जरूर की, लेकिन उनकी मुख्य मांग को लेकर राज्य सरकार पर निर्णायक दबाव नहीं बनाया. उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट रूप से कहा कि वह छात्रों की मांगों को पूरा कराने के लिए हेमंत सोरेन सरकार पर दबाव बनाए या फिर सरकार से समर्थन वापस ले.
सात वर्षों की भर्ती परीक्षाओं की जांच की मांग
आदित्य साहू के मुताबिक, आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग पिछले सात वर्षों में झारखंड में हुई भर्ती परीक्षाओं की जांच है. इसमें JPSC, JSSC, CGL और उत्पाद सिपाही समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग है कि इन परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराई जाए. भाजपा नेता ने दावा किया कि जब तक इस मांग पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक एनडीए छात्रों के साथ खड़ा रहेगा.
संसद में भी उठाया गया झारखंड का मुद्दा
आदित्य साहू ने कहा कि 11 अगस्त को भी एनडीए सांसदों ने संसद के भीतर और बाहर झारखंड के छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई थी. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को पुलिस कार्रवाई के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि एनडीए छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर लगातार उठाता रहेगा और सरकार से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच की मांग करता रहेगा.