Ranchi News : विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर युवा राष्ट्रीय जनता दल ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन ने कहा कि छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए और समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।
युवा राजद के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कई जगहों से लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। छात्रों की ओर से जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। संगठन ने कहा कि एक्सपायर्ड आंसू गैस के गोले इस्तेमाल करने और शाम के समय विधानसभा इलाके की लाइट बंद कर लाठीचार्ज किए जाने जैसे आरोपों की भी जांच होनी चाहिए।
संगठन ने कहा कि यदि जांच में पुलिस या प्रशासन की ओर से नियमों के खिलाफ जाकर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किए जाने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि किसी प्रदर्शनकारी ने कानून तोड़ा है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लेने की अपील
युवा राजद ने कहा कि छात्र झारखंड का भविष्य हैं और वे रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा अपने अधिकारों से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई उचित नहीं है। संगठन ने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
विपक्ष की भूमिका पर भी उठाए सवाल
युवा राजद ने विपक्षी दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाया। संगठन ने कहा कि विपक्षी विधायकों को जनता ने विधानसभा के भीतर सवाल उठाने और उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए चुना है। ऐसे में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री आवास के बाहर राजनीतिक प्रदर्शन करने के बजाय सदन में छात्रों के मुद्दे को मजबूती से उठाया जाना चाहिए।
युवा राजद ने भाजपा से भी अपील की कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक फायदे का माध्यम न बनाया जाए। संगठन के मुताबिक, छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों का समाधान राजनीतिक टकराव से नहीं, बल्कि संवाद और ठोस फैसलों से होना चाहिए।
युवा राजद ने मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही छात्रों से भी सरकार के साथ बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। संगठन ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई और निर्दोष छात्रों को न्याय दिलाना ही पूरे मामले का उचित समाधान है।