Jharkhand Assembly Monsoon Session: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन सदन में विधायकों के आवास के लिए जमीन आवंटन, धनबाद में होमगार्ड भर्ती और राज्य में बंगला अकादमी के गठन समेत कई अहम मुद्दे उठे. अलग-अलग विधायकों ने अपने क्षेत्रों और राज्य से जुड़े विषयों को सरकार के सामने रखा, जिस पर संबंधित मंत्रियों ने जवाब दिया.
विधायकों के आवास के लिए चार अंचलों में जमीन चिन्हित
प्रो स्टीफन मरांडी ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से विधायकों के आवास निर्माण के लिए जमीन आवंटन का मामला उठाया. जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने बताया कि एक ही स्थान पर पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अलग-अलग अंचलों में जमीन की पहचान की गई है.
उन्होंने बताया कि नगड़ी, नामकुम, रातू और ओरमांझी अंचल में जमीन चिन्हित की गई है, जहां विधायकों के आवास बनाए जाने की योजना है.
इस पर संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरकार की ओर से दिए गए जवाब पर असंतोष जताया. उन्होंने कहा कि सदन में दो महीने के भीतर जमीन उपलब्ध कराने की बात कही गई थी. उनका कहना था कि जब संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध करा दिया गया था तो सहकारिता पदाधिकारी से संपर्क कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए थी.
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि वह खुद मामले में पहल करेंगे और जिला प्रशासन से बातचीत करने के साथ चिन्हित जमीन का निरीक्षण भी करेंगे.
धनबाद में होमगार्ड भर्ती पर मंत्री ने दिया आश्वासन
मथुरा महतो ने धनबाद में होमगार्ड भर्ती का मुद्दा उठाया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में 735 अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा सहित भर्ती प्रक्रिया के सभी चरण पूरे कर लिए थे. इसके बावजूद बिना स्पष्ट कारण बताए नियुक्ति प्रक्रिया रद्द कर दी गई.
उन्होंने बताया कि इसके बाद विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत झारखंड गृह रक्षा वाहिनी, धनबाद की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन वह भी अब तक लंबित है. लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे युवाओं में इससे नाराजगी है. साथ ही उन्होंने कहा कि होमगार्ड जवानों की कमी का असर कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन पर भी पड़ रहा है.
जवाब में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर चयनित गृह रक्षकों को नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा.
बंगला अकादमी के गठन की मांग सदन में उठी
विधायक अरूप चटर्जी ने बिहार की तर्ज पर झारखंड में बंगला अकादमी स्थापित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में बंगला भाषी लोग रहते हैं, लेकिन बंगला भाषा की किताबों की उपलब्धता कम हुई है और कई जगहों पर इसकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई है.
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2025 की इंटरमीडिएट परीक्षा में 1,695 छात्रों ने बंगला विषय के साथ परीक्षा दी थी, जिनमें 1,661 विद्यार्थी सफल हुए. उन्होंने कहा कि राज्य में साहित्य अकादमी का गठन किया गया है, जो आदिवासी भाषाओं को छोड़कर अन्य भाषाओं के विकास और संरक्षण का काम करेगी.
इस दौरान समीर मोहंती ने झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में बंगला भाषी समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए बंगला भाषा के संरक्षण की जरूरत बताई. उमाकांत रजक ने भी बंगला अकादमी के गठन का समर्थन किया और कहा कि 1932 का खतियान भी बंगला भाषा में है.
मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि जब तक स्कूल और कॉलेजों में बंगला पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि नहीं होती, तब तक साहित्य अकादमी के माध्यम से बंगला भाषा के संरक्षण और विकास का काम किया जाएगा.