केस निष्पादन में लेटलतीफी पर अवतारनगर थानाध्यक्ष पर गिरी गाज
पहली कार्रवाई अवतारनगर के थानाध्यक्ष साकेत बिहारी के खिलाफ हुई है. उन पर लंबित मामलों के निष्पादन और आपराधिक केसों के अनुसंधान (Investigation) में अनावश्यक देरी और लचर रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगे थे. पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई आंतरिक समीक्षा में उनकी कार्यप्रणाली को असंतोषजनक पाया गया, जिसके बाद एसएसपी ने उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया.
तरैया थाना प्रभारी पर सरकारी संपत्ति से जुड़े मामले में ढिलाई का आरोप
इसके साथ ही तरैया के थाना प्रभारी धीरज कुमार राम को भी निलंबित कर दिया गया है. जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी संपत्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले की छानबीन में उन्होंने घोर लापरवाही बरती. इसके अतिरिक्त अपने अधीनस्थ कर्मियों पर ढीली पकड़ और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप भी जांच में सही पाए गए हैं.
डीआईजी की समीक्षा बैठक के बाद अमनौर थानाध्यक्ष सस्पेंड
अमनौर के थाना प्रभारी हेमंत कुमार को भी आपराधिक मामलों की जांच में गंभीर खामियां बरतने के कारण सस्पेंड किया गया है. सारण प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उनके काम में कई बड़ी त्रुटियां सामने आई थीं. इसके बाद जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का उनका जवाब भी वरिष्ठ अधिकारियों को संतोषजनक नहीं लगा, जिसके बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई.
विभागीय अनुशासन पर जोर, आगे की जांच प्रक्रिया शुरू
सारण पुलिस प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि जनसेवा और पुलिसिंग के मानकों से समझौता करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस महकमे का कहना है कि थानों के प्रदर्शन और लंबित मामलों की निगरानी की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. फिलहाल तीनों निलंबित पुलिस अधिकारियों के मामलों में अग्रिम विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.