जेपीएससी परीक्षा धांधली पर राज्य सरकार पर बोला हमला
शहीद स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक जयराम महतो ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में सामने आ रही धांधली की खबरों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी राज्यस्तरीय परीक्षा में गड़बड़ी के पुख्ता संकेत मिलने के बाद भी शासन-प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है. जयराम महतो ने अंदेशा जताया कि बिना उच्चस्तरीय सरकारी संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर धांधली संभव नहीं है, इसलिए पूरे तंत्र की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
50 से 60 लाख रुपये में सीटें बेचने का लगाया गंभीर आरोप
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में एक ही अभ्यर्थी और उसके रिश्तेदारों के चयन का संदेहास्पद खेल चल रहा है. उन्होंने दावा किया कि मामले में संलिप्त लोगों ने कथित तौर पर एक-एक सीट को 50 से 60 लाख रुपये में बेचने की बात स्वीकार की है. इस गंभीर खुलासे के आधार पर उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की.
परीक्षा एजेंसी TDPL और अभय तिवारी की भूमिका पर उठाए सवाल
जयराम महतो ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) और अभ्यर्थी अभय तिवारी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कई सवाल खड़े किए. उन्होंने दावा किया कि अभय तिवारी ने कथित रूप से कई सरकारी परीक्षाएं पास की हैं और उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी परीक्षाओं में सफल रहे हैं. उन्होंने मांग उठाई कि टीडीपीएल द्वारा आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होनी चाहिए.
छात्रों के आंदोलन को दिया समर्थन, अभ्यर्थियों के लिए लगाया टेंट
राज्यभर में आक्रोशित युवाओं और अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का खुलकर समर्थन करते हुए जयराम महतो ने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है. उन्होंने ऐलान किया कि उनकी पार्टी अभ्यर्थियों की लड़ाई में पूरी तरह साथ खड़ी है. आंदोलनरत छात्रों के सहयोग के लिए एक टेंट भी स्थापित किया गया है, जहाँ अभ्यर्थी अपनी मांग उठा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा.