Ranchi News: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चाईबासा के जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) में कथित भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार और अधिकारियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि उनके चाईबासा दौरे के बाद भ्रष्टाचार बंद नहीं हुआ, बल्कि उसे छिपाने का तरीका बदल दिया गया है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि विधानसभा में मामला न उठे, इसलिए कथित तौर पर "पार्सल बॉयज़" के नामों के आगे अब कोड वर्ड जोड़े जा रहे हैं। उनके अनुसार, यह पूरे मामले को छिपाने की कोशिश है।
सबूत मिटाने की कोशिश हो रही, लेकिन सच सामने आएगा
नेता प्रतिपक्ष ने चाईबासा के उपायुक्त को संबोधित करते हुए कहा कि DMFT को लेकर लगातार नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन "अमर रवि" और "श्याम सुंदर" की भूमिका अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि DMFT से जुड़े लोग इन दोनों को अच्छी तरह जानते हैं।
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि झामुमो से जुड़े कुछ विधायक और कुछ अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सच अधिक समय तक छिप नहीं सकता और पूरे मामले का खुलासा होकर रहेगा।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें उन आईएएस अधिकारियों से सीख लेनी चाहिए, जो भ्रष्टाचार के मामलों में जेल तक पहुंच चुके हैं। मरांडी ने कहा कि सत्ता और पद स्थायी नहीं होते, लेकिन भ्रष्टाचार का हिसाब एक दिन जरूर देना पड़ता है।
नोट: ये आरोप नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।