Ranchi News : लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान मोर्चा ने राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
JLKM का कहना है कि वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और विवादों के कारण अभ्यर्थियों का भर्ती प्रक्रिया से भरोसा लगातार कम हुआ है। ऐसे में आयोगों की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार समय की जरूरत है।
उच्चस्तरीय चयन समिति और संयुक्त लोक सेवा आयोग के गठन पर विचार की मांग
मोर्चा ने मांग की कि JPSC और JSSC के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक उच्चस्तरीय चयन समिति का गठन किया जाए। इस समिति में न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के एक-एक प्रतिनिधि शामिल हों तथा इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करें। उनका कहना है कि इससे आयोगों में नियुक्ति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी।
JLKM ने संविधान के अनुच्छेद-315 के तहत झारखंड लोक सेवा आयोग की वर्तमान व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कराने की भी मांग की। मोर्चा का कहना है कि आयोग के गठन के बाद आयोजित अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाएं विवादों में रही हैं, जिससे युवाओं का भरोसा प्रभावित हुआ है। इसलिए आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त लोक सेवा आयोग के गठन की संभावना पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
मोर्चा ने प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में UPSC की कार्यप्रणाली, तकनीकी सहयोग और सर्वोत्तम मानकों को अपनाने का सुझाव भी दिया, ताकि पूरी भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बन सके।
धरना के दौरान JLKM ने राज्य सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार लागू करने की अपील की। मोर्चा का कहना है कि इससे लाखों अभ्यर्थियों का विश्वास दोबारा बहाल होगा और झारखंड में योग्यता आधारित एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।