East Singhbhum: पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण इलाकों में अवैध मादक पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुड़ाबांदा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गौरंगपुर गांव स्थित एक किराना दुकान में छापेमारी की, जहां से 1200 ग्राम (1.2 किलोग्राम) अवैध गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से ही किराना दुकानदार शक्तिपद उपाध्याय को रंगे हाथ दबोच लिया। कानूनी कागजी प्रक्रिया और पूछताछ पूरी करने के बाद आरोपी को दंडाधिकारी के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
किराना दुकान की आड़ में चल रहा था अवैध गांजे का धंधा
जानकारी के अनुसार, गुड़ाबांदा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गौरंगपुर गांव का रहने वाला शक्तिपद उपाध्याय अपनी किराना दुकान की आड़ में लंबे समय से अवैध रूप से गांजे की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित रणनीति बनाई और चिन्हित दुकान पर अचानक छापेमारी की। तलाशी के दौरान दुकान के अंदर छिपाकर रखा गया प्रतिबंधित मादक पदार्थ (गांजा) बरामद हुआ, जिसके बाद आरोपी दुकानदार को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
ओडिशा के मयूरभंज से जुड़ा सप्लाई नेटवर्क
मामले की गहन जांच के दौरान गांजा सप्लाई करने वाले मुख्य सरगना का नाम भी उजागर हुआ है। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के मयूरभंज जिले का रहने वाला "हनु" नामक व्यक्ति इस क्षेत्र में गांजे की सप्लाई करता था। पुलिस ने मामले में शक्तिपद उपाध्याय, मयूरभंज निवासी हनु और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति को नामजद आरोपी बनाते हुए एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की टीम अब अंतरराज्यीय गांजा तस्करों के इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त रुख
गौरतलब है कि जमशेदपुर शहर के साथ-साथ पूर्वी सिंहभूम जिले के दूर-दराज और सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में अवैध नशीले पदार्थों (गांजा, अफीम व अन्य मादक द्रव्य) की बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे का कारोबार करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीण इलाकों के संभावित ठिकानों को चिन्हित कर छापेमारी की जा रही है और नशे के अवैध सौदागरों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।