Parliament Monsoon Session 2026: लोकसभा में शुक्रवार को “जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026” पारित हो गया. विपक्षी दलों के हंगामे और नारेबाजी के बीच यह विधेयक ध्वनि मत से पारित किया गया. इस दौरान सदन में विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी और विधेयक को कुछ ही मिनटों में मंजूर कर लिया गया. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक को पेश किया था. विपक्ष के हंगामे के बीच स्पीकर ने ध्वनि मत से इसे पारित करा दिया. इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में बदलाव करना है. नए प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के एक वर्ष बाद लेकिन दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवल जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल पदाधिकारी (एसडीएम) या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति से ही किया जा सकेगा.
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य विलंब से होने वाले पंजीकरण पर नियंत्रण करना और जन्म एवं मृत्यु की समय पर सूचना देने की व्यवस्था को मजबूत बनाना है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व के विधेयकों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष लगातार व्यवधान पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष को सदन में चर्चा करनी चाहिए, न कि बाद में बाहर जाकर सरकार पर आरोप लगाने चाहिए.
पीठासीन दिलीप सैकिया ने भी विपक्षी सदस्यों से सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने कई बार सदन को सुचारु रूप से चलाने का आग्रह किया था. हंगामा जारी रहने पर लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.