अत्यधिक बुखार और कमजोरी के बाद दोनों जवानों को तुरंत लाया गया डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल
अस्पताल प्रशासन की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार जिन जवानों को इलाज के लिए लाया गया है उनमें से एक की पहचान प्रदीप कुमार के तौर पर की गई है जबकि दूसरे जवान के नाम का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है. इन दोनों ही जवानों को अचानक से बहुत तेज बुखार आ गया था और शरीर में कमजोरी महसूस हो रही थी. मलेरिया के खतरनाक लक्षणों को देखते ही बिना कोई वक्त गंवाए उन्हें तुरंत डिमना के एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया. लैब में जब पैथोलॉजी टेस्ट हुआ तो प्रदीप कुमार की रिपोर्ट मलेरिया पॉजिटिव पाई गई. दूसरे जवान की टेस्ट रिपोर्ट भले ही अभी नेगेटिव निकली है लेकिन डॉक्टरों की पूरी टीम उसकी शारीरिक स्थिति और लक्षणों को देखते हुए हर पल उन पर निगरानी बनाई हुई है और उनका जरूरी इलाज लगातार जारी रखा गया है.
बेहतर इलाज और आपात स्थिति से निपटने के लिए दोनों जवानों को रांची भेजने की तैयारी पूरी
अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों जवानों की सेहत को ध्यान में रखते हुए और उन्हें ज्यादा बेहतर और उच्च स्तरीय डॉक्टरी देखभाल देने के उद्देश्य से रांची रेफर करने तैयार कर ली गई है. अस्पताल की एक समर्पित डॉक्टर्स की टीम दोनों जवानों की एक- एक पल की मेडिकल स्थिति पर नजर रखे हुए है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि अगर अचानक कोई आपात स्थिति बनती है तो बिना किसी देर के दोनों को तुरंत बड़े और आधुनिक मेडिकल सेंटर के लिए रवाना किया जा सके.
एक दिन पहले जवान की ब्रेन मलेरिया से जान जाने के बाद हरकत में आया सीआरपीएफ का उच्च प्रबंधन
आपको बता दें कि बीते बुधवार को इसी एमजीएम अस्पताल में भर्ती सीआरपीएफ के एक जवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था जिसकी वजह खतरनाक ब्रेन मलेरिया बताई गई थी. इस बेहद दुखद घटना के सामने आने के तुरंत बाद से ही सुरक्षा बल के आला अधिकारियों ने अपने जवानों के स्वास्थ्य, वक्त पर सही जांच और त्वरित इलाज की व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपना लिया है. कमांड स्तर के बड़े अधिकारी जवानों के हेल्थ सिस्टम और स्वास्थ्य सुविधाओं का नए सिरे से रीव्यू कर रहे हैं ताकि मलेरिया या किसी भी इंफेक्शन का थोड़ा सा भी लक्षण दिखते ही जवान को बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टरी मदद मिल सके और किसी भी गंभीर परिस्थिति में समय रहते सही कदम उठाया जा सके.
जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र में तेजी से फैल रहा मलेरिया स्वास्थ्य विभाग के लिए बना बड़ा सिरदर्द
जमशेदपुर और इसके आसपास के पूरे कोल्हान इलाके में मलेरिया के रोजाना सामने आ रहे मामले अब स्वास्थ्य महकमे के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती का रूप ले चुके हैं. चिंता की बात यह है कि आम जनता के साथ साथ अब अग्रिम मोर्चे पर तैनात सुरक्षा बलों के जाबांज जवान भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम लोगों से अपील की है कि जरा सी भी तबीयत खराब होने पर तुरंत जांच कराएं, मच्छरों से बचने के पूरे उपाय करें और अपने आसपास सफाई रखें. फिलहाल स्थानीय अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे इलाके में मलेरिया की रोकथाम, नए मरीजों की पहचान और स्थिति पर पूरी पैनी नजर बनाए हुए हैं.