Ranchi News : रांची जिले में जमीन दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया में भारी देरी सामने आई है। सेवा गारंटी कानून लागू होने के बावजूद जिले में 16,255 म्यूटेशन आवेदन अब भी लंबित हैं, जिससे हजारों आवेदकों को समय पर सेवा नहीं मिल पा रही है। आंकड़ों के अनुसार, 2,022 आवेदन ऐसे हैं जिनमें कोई आपत्ति नहीं है, फिर भी वे 30 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़े हैं। वहीं 825 आवेदन आपत्ति के साथ 90 दिनों से अधिक समय से निपटारे का इंतजार कर रहे हैं।
नामकुम अंचल में सबसे अधिक लंबित मामले
लंबित आवेदनों के मामले में नामकुम अंचल सबसे आगे है, जहां कुल 3,108 म्यूटेशन आवेदन लंबित हैं। इसके बाद कांके में 2,969, नगड़ी में 1,787, रातू में 1,159 और बड़गाईं में 1,048 आवेदन लंबित हैं। बिना आपत्ति के 30 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों में भी नामकुम अंचल पहले स्थान पर है। वहीं, आपत्ति वाले 90 दिनों से अधिक पुराने मामलों की संख्या भी सबसे अधिक नामकुम में ही दर्ज की गई है।
इन अंचलों का प्रदर्शन बेहतर, समयबद्ध सेवा पर उठे सवाल
दूसरी ओर, सोनाहातू, सिल्ली, राहे और खलारी ऐसे अंचल हैं, जहां 90 दिनों से अधिक समय से कोई भी आपत्ति वाला म्यूटेशन मामला लंबित नहीं है। इनमें सोनाहातू सबसे बेहतर स्थिति में है, जहां केवल चार आवेदन लंबित हैं।
सेवा गारंटी कानून का उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद रांची जिले में बड़ी संख्या में म्यूटेशन आवेदनों के लंबित रहने से राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली और समयबद्ध सेवा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।