Hazaribagh: हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड में बिजली विभाग की बिलिंग व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक आम उपभोक्ता को अचानक 1,18,53,198 (एक करोड़ अठारह लाख तिरपन हजार एक सौ अ्ठानबे रुपये) का बिजली बिल जारी कर दिया गया। इतना भारी-भरकम बिल देखकर उपभोक्ता और उनका पूरा परिवार स्तब्ध है। पीड़ित ने विभागीय अधिकारियों से बिल की गहन जांच कराकर इस गड़बड़ी को तत्काल सुधारने की गुहार लगाई है।
सहायक अभियंता को दिया लिखित आवेदन, लगाई न्याय की गुहार
बड़कागांव निवासी पीड़ित बलदेव सोनी ने बिजली विभाग के सहायक अभियंता को लिखित आवेदन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जारी किया गया यह बिल उनकी वास्तविक बिजली खपत से बिल्कुल मेल नहीं खाता और इसमें साफ तौर पर कोई बड़ी तकनीकी या विभागीय लापरवाही नजर आ रही है।
पुराने विवाद के बाद18,377 बकाया जमा कर बहाल हुआ था कनेक्शन
बलदेव सोनी के अनुसार, उनका उपभोक्ता संख्या 13 और जीआरआर (GRR) संख्या 2553 है। 25 जून 2021 तक उनके ऊपर 18,377 का बकाया था, जिसके कारण विभाग ने उनका कनेक्शन काट दिया था और प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद उन्होंने मूल बकाया राशि के साथ ₹6,000 का जुर्माना जमा कर मामला सुलझा लिया था। तत्पश्चात, 3 सितंबर 2021 को 400 का निर्धारित शुल्क जमा कर उनका बिजली कनेक्शन दोबारा चालू कर दिया गया था।
मीटर बदला नहीं, बिल भेजा एक करोड़ अठारह लाख से अधिक
उपभोक्ता का आरोप है कि कनेक्शन बहाल होने के बाद विभाग ने न तो नया बिजली मीटर लगाया और न ही लंबे समय तक कोई नियमित बिल उपलब्ध कराया। बार-बार विभागीय चक्कर लगाने और शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे 1.18 करोड़ से अधिक का बिल भेज दिया गया। बलदेव सोनी ने मांग की है कि बिलिंग में हुई तकनीकी त्रुटि को सुधारकर वास्तविक खपत के आधार पर नया बिल जारी किया जाए। फिलहाल इस मामले में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।