Adityapur: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में खराब सड़कों, बंद स्ट्रीट लाइट, जाम नालियों और साफ-सफाई की समस्याओं को लेकर आदित्यपुर गम्हरिया विकास समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जियाडा के रीजनल डायरेक्टर प्रेम रंजन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व समिति के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने किया।
औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं से कराया अवगत
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जियाडा आरडी को क्षेत्र की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। समिति के सदस्यों ने बताया कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की कई सड़कें लंबे समय से जर्जर हैं, जिससे उद्यमियों, कर्मचारियों और आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने सड़क निर्माण में आ रही प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं को दूर कर जल्द काम शुरू कराने की मांग की। इसके अलावा बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट, नालियों की सफाई और नियमित स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया।
छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग
पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं जरूरी हैं। उन्होंने बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्यमियों को भी प्राथमिकता के आधार पर प्लॉट उपलब्ध कराने की मांग रखी। इससे नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बरसात के बाद शुरू होगा सड़क निर्माण कार्य- आरडी
जियाडा के रीजनल डायरेक्टर प्रेम रंजन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन देते हुए बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यालय की जांच टीम क्षेत्र का निरीक्षण कर चुकी है और साफ-सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री एसोसिएशन से चर्चा के बाद सड़क निर्माण के प्राक्कलन में संशोधन किया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बरसात समाप्त होते ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आरडी ने यह भी बताया कि बहरागोड़ा, चांडिल और सीतारामपुर में उपलब्ध भूमि पर छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे मौजूद
मौके पर उदित यादव, सरदार रविंदर सिंह, विमल दास, दिलीप मंडल, पीके झा, विनोद कुमार सिंह, संतोष यादव, सोनू पासवान, सत्येंद्र प्रभात, मुकेश गिरी और सिमरन मेहरा सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।