JPSC Irregularities: झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते बुधवार को फिर से रांची स्थित सीआईडी मुख्यालय गए, जहां स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने उनसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की. इससे पहले मंगलवार को उनसे लगभग आठ घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे.
जांच एजेंसी ने पहली दिन की पूछताछ के दौरान उनका पासपोर्ट अपने कब्जे में लिया है, लेकिन सीआईडी की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. जांच एजेंसी उन प्रशासनिक फैसलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो एल. खियांग्ते के कार्यकाल में लिए गए थे. सूत्रों के अनुसार, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा संचालन के लिए टीडीपीएल जैसी विवादित एजेंसी को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई और इसके लिए किस स्तर पर मंजूरी दी गई.
एल. खियांग्ते के इस्तीफा देने के बाद से झारखंड लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष पद खाली है. नियमों के मुताबिक, स्थायी अध्यक्ष नहीं होने की स्थिति में आयोग की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं. इसका असर भर्ती परीक्षाओं और लंबित परिणामों पर भी पड़ रहा है.
सरकारी स्तर पर नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मंथन जारी है. माना जा रहा है कि 6 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा मानसून सत्र से पहले सरकार नए अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकती है या तब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी को आयोग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है.