Ramgarh News: रामगढ़ जिले में स्थित सीसीएल बरका सयाल क्षेत्र की भुरकुंडा परियोजना के अंतर्गत संचालित संगम खुली खदान में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। यह प्रदर्शन संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें आउटसोर्सिंग कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने खदान का काम बंद करा दिया और आंदोलन को अनिश्चितकालीन बताया गया है।
चार राजस्व गांवों के विस्थापितों ने प्रदर्शन में भाग लिया, जिसमें वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए। प्रदर्शन के दौरान लोग पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ नारेबाजी करते नजर आए। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
विस्थापित नेता झरी मुंडा ने आरोप लगाया कि भुरकुंडा परियोजना प्रबंधन ने विस्थापन प्रमाण पत्र जारी नहीं किया और आउटसोर्सिंग कंपनी ने रोजगार और अन्य अधिकारों को लेकर किए गए वादों को पूरा नहीं किया। हालांकि, इन आरोपों पर सीसीएल प्रबंधन या संबंधित कंपनी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
संयुक्त विस्थापित मोर्चा के नेता राणा सिंह ने कहा कि सीसीएल प्रबंधन पर रैयतों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक विस्थापितों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शन के कारण संगम खुली खदान में कार्य प्रभावित हुआ है। फिलहाल सीसीएल प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। आगे की स्थिति को लेकर सभी की नजर प्रशासन और प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।