Jharkhand Transport Department: प्रोजेक्ट भवन में मंगलवार को परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच हुए समझौते के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कई जिलों के उपायुक्तों और परिवहन अधिकारियों से सीधे संवाद किया. उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस वितरण, महिला भागीदारी, प्रशिक्षण व्यवस्था और सड़क सुरक्षा की स्थिति का जायजा लिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और आसान होनी चाहिए. उन्होंने भारी वाहनों के चालकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही. पलामू जिले में महिलाओं की भागीदारी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई. उन्होंने उपायुक्त से जिले में जारी किए गए ड्राइविंग लाइसेंस की संख्या पूछी और महिलाओं की संख्या के बारे में जानकारी ली. जब अधिकारियों ने बताया कि लगभग 30 से 40 प्रतिशत लाइसेंस महिलाओं को मिले हैं, तो मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि कार्यक्रम में महिला लाभार्थियों की उपस्थिति क्यों नहीं सुनिश्चित की गई.
मुख्यमंत्री ने पलामू के जिला परिवहन पदाधिकारी से पूछा कि जिले में भारी वाहनों के लिए कितने लाइसेंस जारी किए गए हैं और प्रशिक्षण की व्यवस्था कहां है. उन्होंने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त से बातचीत की और गम्हरिया जैसे औद्योगिक क्षेत्र में प्रशिक्षण केंद्र की आवश्यकता पर जोर दिया.
धनबाद जिले से जुड़े संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां की खनन गतिविधियों का जिक्र करते हुए भारी वाहनों के लाइसेंस और महिला लाभार्थियों की संख्या की जानकारी ली. उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद महिला लाभार्थियों से संवाद किया और उनके अनुभवों को जाना.
परिवहन सचिव राजीव रंजन ने बताया कि राज्य में सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई नई पहल की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में बनने वाला आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट लगभग 11.88 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा.
परिवहन मंत्री बोले- प्रशिक्षित चालक ही सुरक्षित यातायात की कुंजी
परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र राज्य के युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोलेगा. उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण से न केवल कुशल चालक तैयार होंगे, बल्कि सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी. टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग आचार्य ने कहा कि जमशेदपुर स्थित कंपनी का प्लांट देश का सबसे पुराना और सबसे बड़ा कमर्शियल व्हीकल निर्माण केंद्र है. उन्होंने कहा कि आधुनिक वाहनों में लगातार नई सुरक्षा तकनीकें जोड़ी जा रही हैं और चालकों को इन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है.