Giridih News: गिरिडीह में एक निजी चाइल्ड केयर सेंटर में 25 दिन के नवजात की मौत के बाद सोमवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया. मासूम की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की.
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल लाया गया था बच्चा
नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया था. मृतक नवजात पुरना नगर पंचायत के पिपराटांड़ निवासी लालजी हेम्ब्रम का बेटा था. परिवार के अनुसार, बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे रविवार सुबह इलाज के लिए स्मिता चाइल्ड केयर एंड वैक्सीनेशन सेंटर में भर्ती कराया गया. इलाज शुरू होने के कुछ समय बाद उसकी हालत और बिगड़ गई. डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका.
मौत के बाद फूट पड़ा परिजनों का गुस्सा
बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए. देखते ही देखते अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई. परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो मासूम की जान बच सकती थी. उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
डॉक्टर बोले- बच्चे की हालत पहले से थी गंभीर
अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विपल्लव शास्त्री ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि नवजात को दौरे की गंभीर समस्या थी और अस्पताल में उपलब्ध सभी चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत उसका इलाज किया गया. उनके मुताबिक इलाज में किसी प्रकार की चूक नहीं हुई और बच्चे की मौत बीमारी की जटिलता के कारण हुई.
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं. पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.