Ranchi News : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है। उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मुद्दों पर झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार को आड़े हाथों लिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया है, जबकि झारखंड सरकार के पास युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है।
NEET पर राजनीति करने वाले झारखंड के JPSC-JSSC घोटालों पर क्यों हैं मौन
पूर्व मुख्यमंत्री ने सत्ताधारी दलों पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में टुकड़े-टुकड़े गैंग, वामपंथी गिरोह और उनके समर्थक दल NEET के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं और अराजकता फैला रहे हैं, लेकिन झारखंड में JPSC परीक्षा में हुई धांधली पर JMM और कांग्रेस चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यहाँ सत्ता में बैठे जिम्मेदारों से इस्तीफा क्यों नहीं मांगा जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार परीक्षाओं के नाम पर युवाओं के साथ छलावा हो रहा है और सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का काम कर रही है, यहाँ तक कि TDPL नामक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से JPSC की परीक्षा करवाई गई।
14वीं JPSC की CBI जांच और उत्पाद सिपाही भर्ती के मृतकों को 1-1 करोड़ मुआवजे की मांग
राज्य सरकार की विफलताओं को उजागर करते हुए रघुवर दास ने मांग की है कि 14वीं JPSC परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और इसमें हुई तमाम गड़बड़ियों की निष्पक्ष जाँच CBI से कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान कुप्रबंधन की वजह से असमय जान गंवाने वाले 12 युवाओं की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी लेते हुए सरकार पीड़ित परिवारों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा तुरंत प्रदान करे।