Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम के जसकंडीह गांव में आदिवासी भूमि विवाद को लेकर नया विवाद सामने आया है। ग्राम सभा ने उपायुक्त और अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर परसुडीह थाना के दो पुलिसकर्मियों पर भूमि माफियाओं के साथ मिलकर विवादित जमीन पर कब्जा कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों ने ग्राम सभा के पारंपरिक अधिकारों में हस्तक्षेप किया और हातु मुंडा जगन्नाथ देवगम को धमकाने के साथ झूठे केस में फंसाने की चेतावनी भी दी।
विवादित जमीन से सूचना बोर्ड हटाने का दबाव
ग्राम सभा का कहना है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, उसका रिकॉर्ड पुराने सर्वे सेटलमेंट में दर्ज है। अंतिम निर्णय होने तक वहां किसी तरह का निर्माण न हो, इसके लिए सूचना बोर्ड लगाया गया था, लेकिन उसे हटाने का दबाव बनाया गया। साथ ही आरोप लगाया गया कि पिछले एक महीने से संबंधित पुलिसकर्मी लगातार फोन कर हातु मुंडा को थाने बुलाने का प्रयास कर रहे थे, जबकि ग्राम सभा ने स्पष्ट किया था कि भूमि विवाद का निपटारा राजस्व अधिकारियों और ग्राम सभा के स्तर पर ही होना चाहिए।
ग्राम सभा ने जांच, कार्रवाई और आदिवासी भूमि की सुरक्षा की मांग उठाई
ज्ञापन में ग्राम सभा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, आदिवासी जमीन की सुरक्षा, सीएनटी अधिनियम के कथित उल्लंघन और अवैध खरीद-बिक्री की जांच की मांग की है। इसके अलावा पेसा कानून-1996 और झारखंड पेसा नियमावली-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने की भी अपील की गई है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।