Ranchi News: अस्पतालों में बढ़ती हिंसा, डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन-हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया (IMA-HBI) और एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (इंडिया) (AHPI) ने गहरी चिंता जताई है. दोनों संगठनों ने कहा कि ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के भरोसे पर गंभीर असर डाल रही हैं.
डॉक्टरों और मरीजों के बीच भरोसा मजबूत करने पर जोर
दोनों संगठनों की संयुक्त ऑनलाइन बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए डॉक्टरों और मरीजों के बीच संवाद और विश्वास मजबूत होना जरूरी है. बैठक में कहा गया कि अस्पतालों में हिंसा, धमकी, जबरन वसूली और इलाज में अवैध हस्तक्षेप जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगनी चाहिए.
रांची के अस्पतालों की घटनाओं का भी उठा मुद्दा
बैठक के दौरान रांची के सम्फोर्ड अस्पताल, राज अस्पताल और विवेकानंद अस्पताल में हाल के दिनों में हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया गया. संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि अस्पतालों में हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
पारदर्शिता और जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय
बैठक में यह भी तय किया गया कि अस्पतालों में मरीजों के साथ संवाद को और बेहतर बनाया जाएगा. इलाज की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, शिकायतों का कानूनी और व्यवस्थित समाधान करने तथा लोगों तक सही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे. दोनों संगठनों ने कहा कि सुरक्षित अस्पताल, चिकित्सकों की सुरक्षा और मरीजों का विश्वास ही एक मजबूत एवं प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला है.