Gumla: लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुमला में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया। विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों, चाट-ठेलों, किराना दुकानों, थोक विक्रेताओं और बेकरी दुकानों का निरीक्षण किया। अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर और आशा राज ने किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण और भंडारण की स्थिति, साफ-सफाई की व्यवस्था, खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण, पैकेट पर दर्ज जानकारी, एक्सपायरी डेट तथा लेबलिंग नियमों की जांच की। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत तय नियमों का पालन करें। साथ ही ग्राहकों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया।
यूनिक बेकरी में मिली गड़बड़ी, लगाया गया आर्थिक दंड
अभियान के दौरान शहर स्थित यूनिक बेकरी में स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाया गया। जांच में साफ-सफाई से जुड़ी कमियां मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया। विभाग के अधिकारियों ने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
कई दुकानदारों को सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कुछ अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में भी खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था में कमियां मिलीं। अधिकारियों ने संबंधित दुकानदारों को सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। चाट, फास्ट फूड और सड़क किनारे खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया। उन्हें खाद्य सामग्री को हमेशा ढककर रखने, वेज और नॉन-वेज सामान को अलग-अलग रखने, खाने में प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल नहीं करने और खाद्य पदार्थों को अखबार में पैक नहीं करने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने दुकानदारों को बताया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता में लापरवाही सीधे लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सभी कारोबारियों को लाइसेंस, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
कोटपा अधिनियम के तहत भी हुई जांच
खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान टीम ने कोटपा अधिनियम-2003 और संशोधित अधिनियम-2021 के तहत भी जांच की। सार्वजनिक स्थानों और दुकानों पर तंबाकू उत्पादों की बिक्री, प्रदर्शन और नियमों के पालन की स्थिति देखी गई। दुकानदारों को तंबाकू उत्पादों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि आम लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिले में इस तरह के निरीक्षण और छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। विभाग ने खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि लोगों को मिलावटरहित और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।