NEET Controversy: NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर बातचीत की पेशकश की है. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उनके प्रतिनिधियों से किसी भी समय और किसी भी स्थान पर बातचीत के लिए तैयार है.
उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर से अब तक सरकार की ओर से चार बार औपचारिक रूप से बातचीत का प्रस्ताव भेजा जा चुका है. उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद के जरिए समाधान निकालना है.
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, "यह हमारे सभी युवा साथियों के लिए खुला निमंत्रण है. आपकी सुविधा के अनुसार, किसी भी समय और किसी भी जगह सरकार बातचीत के लिए तैयार है. हम अपने सम्मान या प्रतिष्ठा को बीच में नहीं आने देंगे." उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और वह स्वयं मौजूद रहेंगे. बातचीत जेपी नड्डा के कार्यालय या उनके सरकारी आवास पर हो सकती है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है और यह बातचीत उसी प्रयास का हिस्सा है. उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से अपील की कि वे बातचीत के जरिए अपनी बात रखें, ताकि सभी मुद्दों का समाधान निकाला जा सके.
दूसरी ओर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि सौरभ दास ने साफ किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी "नॉन-नेगोशिएबल" मांग है. उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री पद नहीं छोड़ते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
सौरभ दास ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं और छात्रों की मांगों के समर्थन में डटे हैं.
फिलहाल, सरकार की ओर से संवाद की पहल और आंदोलनकारियों की सख्त मांगों के बीच गतिरोध बना हुआ है. अब नजर इस बात पर है कि दोनों पक्ष बातचीत की मेज तक पहुंचते हैं या आंदोलन आगे और तेज होता है.