Bihar Assembly: छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा गुरुवार को बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में भी गूंजा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की जैसी स्थिति तक पहुंच गया, जिसके बाद मार्शलों और अन्य विधायकों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
विपक्ष का हंगामा, पोस्टर लेकर किया विरोध
राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व में विपक्षी विधायक छात्रों पर पुलिस के कथित बल प्रयोग के विरोध में पोस्टर लेकर अपनी सीटों पर खड़े हो गए। नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शून्यकाल में चर्चा का आश्वासन दिया, जिसके बाद कुछ देर के लिए विपक्ष शांत हुआ।
भाजपा विधायक के बयान से फिर गरमाया माहौल
इसी दौरान भाजपा विधायक श्यामबाबू यादव ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले छात्र नहीं, बल्कि उपद्रवी थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने डाकबंगला चौराहे पर उनकी गाड़ी पर हमला किया। इस बयान के बाद विपक्षी सदस्य फिर से नारेबाजी करने लगे और सदन में तनाव बढ़ गया।
सदन में आमने-सामने आए विधायक
हंगामे के बीच भाजपा विधायक श्यामबाबू यादव और विपक्ष के आईपी गुप्ता के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के कई विधायक सदन के मध्य भाग में आमने-सामने आ गए। हालात बिगड़ते देख मार्शलों और अन्य विधायकों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।
अध्यक्ष की अपील बेअसर, कार्यवाही स्थगित
विधानसभा अध्यक्ष लगातार सदस्यों से शांत रहने और अपनी सीटों पर लौटने की अपील करते रहे। हालांकि, शोर-शराबा और नारेबाजी नहीं थमी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। आखिरकार अध्यक्ष ने कार्यवाही को भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दिया।
छात्रों का मुद्दा बना बड़ा राजनीतिक विवाद
मानसून सत्र में यह पहला मौका रहा जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक इस तरह आमने-सामने आए। छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब बिहार की राजनीति का बड़ा विषय बन गया है। विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, जबकि सरकार अपने कदमों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बता रही है।