Ranchi News : झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (JUT) के कुलपति डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह की शैक्षणिक योग्यता, सेवा नियमों के पालन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए राजभवन समेत कई उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी गई है। शिकायत में पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
20 जुलाई 2026 को भेजी गई शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री सचिवालय, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री, सीबीआई (CBI), एआईसीटीई (AICTE) और कुलाधिपति कार्यालय को भी भेजी गई है।
पीएचडी और सेवा नियमों पर सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह वर्ष 1992 से 2002 तक बीआईटी सिंदरी में सहायक प्राध्यापक और बाद में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे। आरोप है कि पूर्णकालिक सेवा के दौरान उन्होंने वर्ष 2005 में विनोबा भावे विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यह जांच की जाए कि क्या उन्होंने पीएचडी के लिए विभागीय अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), सक्षम प्राधिकारी की अनुमति या विधिवत अध्ययन अवकाश लिया था। शिकायत में कहा गया है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो यह सेवा नियमों के उल्लंघन का मामला हो सकता है।
हितों के टकराव और जांच प्रक्रिया पर आरोप
शिकायत में प्रीति राज प्रकरण का भी उल्लेख करते हुए हितों के टकराव (Conflict of Interest) का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि कुलपति ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।
इसके अलावा विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि एक ही अधिकारी को दो बार जांच समिति का अध्यक्ष बनाया गया और महत्वपूर्ण तथ्यों व साक्ष्यों की अनदेखी की गई। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।