Jamshedpur: जमशेदपुर के चर्चित उद्योगपति कैरव गांधी अपहरण एवं फिरौती मामले में न्यायिक प्रक्रिया अब अहम चरण में पहुंच गई है। इस मामले में 13 अगस्त को एडीजे-2 की अदालत में सुनवाई होगी। संभावना है कि इस दिन आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे। यदि ऐसा होता है, तो इसके बाद गवाहों की गवाही शुरू होने के साथ ट्रायल औपचारिक रूप से आगे बढ़ जाएगा।
13 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं निगाहें
कानूनी जानकारों के अनुसार, आरोप तय होना किसी भी आपराधिक मामले की सुनवाई का महत्वपूर्ण चरण होता है। आरोप तय होने के बाद अभियोजन पक्ष अपने गवाहों को अदालत में पेश करेगा और मामले की नियमित सुनवाई शुरू होगी। ऐसे में 13 अगस्त की सुनवाई इस केस की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
23 जुलाई को जमानत याचिका पर होगी सुनवाई
इससे पहले 23 जुलाई को एडीजे-3 की अदालत में मामले के तीन आरोपितों मनप्रीत सिंह, अमरेंद्र सिंह और उपेंद्र सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। बचाव पक्ष आरोपितों को जमानत देने की मांग करेगा, जबकि अभियोजन पक्ष इसका विरोध कर सकता है। अदालत का फैसला आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर असर डाल सकता है।
जांच पूरी होने के बाद ट्रायल पर फोकस
बचाव पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार, मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और अब पूरा फोकस ट्रायल पर है। आरोप तय होने के बाद गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे मामले के तथ्यों पर न्यायालय में विस्तार से सुनवाई होगी।
शहर के चर्चित मामलों में शामिल है केस
उद्योगपति केरव गांधी के कथित अपहरण और फिरौती का मामला सामने आने के बाद यह शहर के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया था। पुलिस जांच पूरी कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर चुकी है। अब सभी की नजर 13 अगस्त की सुनवाई पर है, जहां से इस बहुचर्चित मामले के ट्रायल में तेजी आने की उम्मीद है।