Ranchi News : JPSC से जुड़े कथित परीक्षा घोटाले की जांच में अब अभय तिवारी उर्फ मनोज तिवारी का नाम भी सामने आया है। CID उसके कथित नेटवर्क और सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
प्लेसमेंट एजेंसी से सरकारी भर्ती नेटवर्क तक पहुंच की जांच
जानकारी के अनुसार, अभय तिवारी पहले टी एंड एम नाम की प्लेसमेंट एजेंसी में एचआर के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि वह आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का काम करता था। इसी दौरान उसका संपर्क प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों से जुड़े लोगों से हुआ।
एक साल में कई परीक्षाओं में चयन पर उठे सवाल
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि एक ही वर्ष के भीतर अभय तिवारी का चयन शिक्षक भर्ती, CGL, FRO और ACF की प्रारंभिक परीक्षा में कैसे हुआ। CGL में चयन के बाद उसकी नियुक्ति गोड्डा में बीएसओ के पद पर हुई थी। उस पर पहले भी कथित CGL भर्ती घोटाले में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, CID ने श्वेता गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। जांच एजेंसी अभय तिवारी और उससे जुड़े लोगों के कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के साथ-साथ यह भी पता लगा रही है कि पूरे मामले में किन लोगों ने कथित संरक्षण दिया।