Ranchi News: NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है. पार्टी ने 23 जुलाई को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है. इसके साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में उपायुक्त कार्यालयों के सामने धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा. कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है.
प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी, जिला मुख्यालयों में भी प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सोनाल शांति ने बताया कि यह आंदोलन केवल रांची तक सीमित नहीं रहेगा. राज्यभर के जिला उपायुक्त कार्यालयों के बाहर भी कांग्रेस कार्यकर्ता धरना देंगे. उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर युवाओं में भारी नाराजगी है, जिसे लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाएगा.
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरती गई. पार्टी ने जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई और विपक्षी नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की बात सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस का दावा है कि छात्रों के मुद्दे पर वह सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी.
इन तीन मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन
कांग्रेस ने आंदोलन के जरिए केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें. दूसरी, आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं. तीसरी, NEET पेपर लीक और उससे जुड़े पूरे घटनाक्रम पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए.