Jamshedpur: जमशेदपुर महानगर भाजपा में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर चल रहा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। मंडल अध्यक्षों और नई कमेटियों के गठन को लेकर शहर के कई मंडलों में कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बाद पार्टी के सामने संगठन को एकजुट रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि बागबेड़ा, परसुडीह, बिरसानगर, कदमा और पारडीह मंडलों में नियुक्तियों को लेकर विरोध के स्वर उठे हैं। हालात को संभालने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास 23 जुलाई को जमशेदपुर में संगठनात्मक बैठक करेंगे।
नियुक्तियों को लेकर कई स्तर पर उठे सवाल
भाजपा के अंदरूनी विवाद की मुख्य वजह मंडल अध्यक्षों और नई टीमों के चयन को बताया जा रहा है। कुछ कार्यकर्ता पुराने और सक्रिय नेताओं की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं, तो कुछ जगहों पर बाहरी नेताओं को संगठन में जगह दिए जाने को लेकर नाराजगी है। इसके अलावा उम्र सीमा, जातीय समीकरण और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भागीदारी जैसे मुद्दे भी विवाद की वजह बने हैं। इन कारणों से कुछ मंडलों में नई कमेटियों की घोषणा की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
बिरसानगर में बाहरी नेताओं को लेकर विरोध
बिरसानगर मंडल में मंडल अध्यक्ष संजीव बनर्जी को लेकर कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में नाराजगी की बात सामने आई है। आरोप है कि दूसरे दलों से जुड़े रहे लोगों को संगठन में जिम्मेदारी देने की कोशिश की जा रही है, जबकि लंबे समय से भाजपा के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं। मामला इतना बढ़ा कि शिकायतें पुलिस तक पहुंचने की बात भी सामने आई थी। हालांकि, बाद में स्थानीय नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति को शांत करने का प्रयास किया गया।
बागबेड़ा में उम्र सीमा और सामाजिक संतुलन का मुद्दा
बागबेड़ा मंडल में मंडल अध्यक्ष पद को लेकर उम्र सीमा और सामाजिक समीकरण का मुद्दा चर्चा में है। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में अनुभवी नेताओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा है। इसी नाराजगी के चलते पहले तैयार सूची में बदलाव कर दोबारा संतुलन बनाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है। परसुडीह मंडल में भी संगठन के अंदर दो अलग-अलग गुटों की सक्रियता की चर्चा है। विरोधी पक्ष का दावा है कि मंडल अध्यक्ष के साथ पर्याप्त संख्या में कार्यकर्ताओं का समर्थन नहीं है। हाल के राजनीतिक कार्यक्रमों में दोनों गुटों की अलग-अलग सक्रियता ने संगठन के भीतर मतभेदों को उजागर किया है।
कदमा और पारडीह में भी संगठनात्मक खींचतान
कदमा और पारडीह मंडलों में भी नई कमेटियों के गठन को लेकर सहमति बनाने की कोशिश जारी है। स्थानीय नेतृत्व का कहना है कि जल्द ही सभी विवादों को सुलझाकर संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
23 जुलाई की बैठक में निकलेगा समाधान?
भाजपा के लिए अब 23 जुलाई की बैठक काफी अहम मानी जा रही है। भालूबासा स्थित शीतला मंदिर में होने वाली इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में जमशेदपुर महानगर और ग्रामीण इकाई के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और प्रमुख कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व संगठन में चल रही नाराजगी को दूर करने, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बढ़ाने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर रणनीति तैयार करने पर चर्चा करेगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद लंबित मंडल कमेटियों के गठन को लेकर भी अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।