Jamshedpur: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में हड्डी रोग से जुड़े मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट की अनुपलब्धता के कारण मरीजों की सर्जरी में देरी नहीं होगी। अस्पताल प्रशासन ने जरूरी इम्प्लांट का स्थायी स्टॉक रखने की योजना तैयार की है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब तक एमजीएम अस्पताल में फ्रैक्चर और अन्य हड्डी संबंधी सर्जरी के लिए मरीजों को प्लेट, रॉड, स्क्रू, कूल्हे का बॉल और घुटने के कैप जैसे इम्प्लांट खुद खरीदकर लाने पड़ते थे। वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले मरीजों के लिए भी इम्प्लांट की व्यवस्था में कई बार समय लग जाता था, जिससे ऑपरेशन टालने की स्थिति बनती थी।
ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रस्ताव पर लिया गया फैसला
इम्प्लांट की व्यवस्था में देरी के कारण कई मरीजों की सर्जरी समय पर नहीं हो पाती थी। इसका असर अस्पताल की व्यवस्था पर भी पड़ता था, क्योंकि ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीज लंबे समय तक वार्ड में भर्ती रहते थे। इससे नए मरीजों की भर्ती और सर्जरी में परेशानी आती थी। मरीजों की इस समस्या को देखते हुए ऑर्थोपेडिक विभाग ने अस्पताल प्रशासन के सामने स्थायी इम्प्लांट स्टॉक रखने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद प्रशासन ने आवश्यक इम्प्लांट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की और टेंडर पूरा कर लिया गया।
मरीजों को जल्द मिलेगा इलाज, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा सुधार
अस्पताल में इम्प्लांट उपलब्ध होने के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों का ऑपरेशन जल्द किया जा सकेगा। इससे इलाज में लगने वाला समय कम होगा, मरीजों को जल्दी राहत मिलेगी और अस्पताल के संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस नई व्यवस्था से हड्डी रोगियों को समय पर उपचार मिलने के साथ एमजीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आएगा।