Congress Protest: राजधानी दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकालकर प्रदर्शन किया. पार्टी के शीर्ष नेताओं ने पीएम आवास के बाहर धरना दिया और केंद्र सरकार से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा.
प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने की राहुल गांधी से मुलाकात
धरना स्थल पर केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मिलने पहुंचे. बताया गया कि उन्होंने कांग्रेस नेताओं से प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया. इसके जवाब में राहुल गांधी ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं. इसके बाद जितेंद्र सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए रवाना हुए. कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो पार्टी पूरी रात पीएम आवास के बाहर धरना जारी रखेगी.
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "एक्स" पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री से जवाब मांगने उनके आवास तक पहुंची है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने से बच रही है और संसद में चर्चा कराने से भी इनकार कर रही है.
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए दोनों के इस्तीफे की मांग भी की.
कांग्रेस ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगें
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं.
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें.
- केंद्रीय गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में पूरे मामले पर बयान दें.
- छात्रों से जुड़े घटनाक्रम पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए.
- छात्रों की मांगों और समस्याओं पर गंभीरता से निर्णय लिया जाए.
- प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों की आवाज दबाना उचित नहीं है. पार्टी का आरोप है कि सरकार संवाद के बजाय दमन की नीति अपना रही है. हालांकि, खबर लिखे जाने तक केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी.