Jamshedpur: जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रविवार देर रात से सोमवार सुबह के बीच चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। महज छह घंटे के भीतर अस्पताल परिसर से चार मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद चोरी होने की शिकायत मिली है। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सभी पीड़ितों ने एमजीएम थाना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतों के बाद अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई। फुटेज में एक संदिग्ध युवक विभिन्न वार्डों में घूमता और मोबाइल लेकर बाहर निकलता दिखाई दे रहा है। पुलिस अब उसी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।
बाथरूम से मोबाइल के साथ नकदी भी गायब
बोड़ाम प्रखंड के नूतनडीह गांव की रहने वाली रूपाली महतो गायनिक वार्ड के तीसरे तल्ले पर भर्ती हैं। उनके पति दुलाल महतो के अनुसार, रविवार रात करीब 12:30 बजे लगभग 19 हजार रुपये कीमत का मोबाइल चोरी हो गया। शिकायत के बाद सीसीटीवी फुटेज देखने पर एक युवक वार्ड से मोबाइल लेकर जाते हुए दिखाई दिया। ईचागढ़ थाना क्षेत्र के मैसाड़ा गांव निवासी मनसा गोप ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 6 बजे वह ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम में मुंह धोने गए थे। इस दौरान उन्होंने अपना मोबाइल स्लैब पर रख दिया था। कुछ ही देर में मोबाइल गायब हो गया। मोबाइल कवर में रखे 10 हजार रुपये नकद भी चोरी हो गए। मनसा गोप ने बताया कि उनकी पत्नी 15 जुलाई से अस्पताल में भर्ती हैं। चोरी के बाद उनके पास दैनिक खर्च के लिए भी पैसे नहीं बचे और उन्हें 500 रुपये उधार लेने पड़े।
चार्जिंग पर लगा मोबाइल भी हुआ चोरी
बिष्टुपुर निवासी मरीज संजय डालमिया की पत्नी सोनिया डालमिया का मोबाइल भी रविवार देर रात अस्पताल के चौथे तल्ले के वार्ड से चोरी हो गया। परिजनों के अनुसार, मोबाइल चार्जिंग पर लगा था। रात करीब 12:07 बजे एक युवक वार्ड में आया और मोबाइल लेकर चला गया। सीसीटीवी में इस घटना में भी वही संदिग्ध युवक नजर आया है। अस्पताल में भर्ती एक अन्य मरीज के परिजन का मोबाइल चोरी होने की भी जानकारी सामने आई है, हालांकि इस मामले में अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं से मरीजों और उनके परिजनों में चिंता बढ़ गई है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से वार्डों में सुरक्षा बढ़ाने, रात के समय गश्त तेज करने और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं, पुलिस दर्ज शिकायतों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।