Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी व्यवसायी संजय डालमिया को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है. उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई, जहां कोर्ट ने उन्हें बेल प्रदान करने का आदेश दिया.
करोड़ों रुपये के बैंक फ्रॉड का है आरोप
संजय डालमिया पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से 50 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण हासिल किया. जांच एजेंसियों का दावा है कि लोन लेने के बाद उसकी अदायगी भी नहीं की गई और बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा.
झारखंड राज्य सहकारिता बैंक घोटाले से जुड़ा मामला
यह मामला झारखंड राज्य सहकारिता बैंक की सरायकेला शाखा में हुए 38 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है. इस पूरे प्रकरण की जांच फिलहाल सीआईडी कर रही है. वर्ष 2019 में सरायकेला थाने में 5 करोड़ और 33 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिन्हें बाद में जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया.
कई बैंक अधिकारियों पर भी दर्ज है केस
इस मामले में बैंक के तत्कालीन और वर्तमान कई अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है. इनमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति, मदन लाल प्रजापति, वीरेंद्र कुमार, शंकर बंद्योपाध्याय, मनोज नाथ शाहदेव, संदीप सेन, बृजेश्वर नाथ समेत व्यवसायी संजय डालमिया का नाम शामिल है.
आठ अलग-अलग लोन खातों में 38 करोड़ रुपये देने का आरोप
जांच में आरोप लगाया गया है कि संजय डालमिया को आठ अलग-अलग ऋण खातों के माध्यम से करीब 38 करोड़ रुपये जारी किए गए. नियमों के अनुसार ऋण स्वीकृत करने से पहले दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक था, लेकिन कथित तौर पर अनियमितताओं के बावजूद ऋण स्वीकृत कर दिया गया. आरोप है कि चेकर आईडी जारी करने की प्रक्रिया में भी गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे राशि का भुगतान संभव हो सका. फिलहाल मामले की जांच सीआईडी के स्तर पर जारी है और अदालत में इससे संबंधित अन्य कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है.