Ram Mandir Donation Theft : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है. मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. शुरुआती जांच के आधार पर संकेत मिले हैं कि कार्रवाई केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि बैंक कर्मचारियों और चढ़ावे की गिनती से जुड़ी निजी एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
जांच के घेरे में बैंक कर्मचारी और निजी एजेंसी
SIT यह पता लगाने में जुटी है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में कहां चूक हुई. प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिनती के काम में लगाए गए कई कर्मचारियों को इस तरह के संवेदनशील कार्य का अनुभव नहीं था. बताया गया है कि कुछ लोग पहले मैकेनिक और वीडियो शूटिंग जैसे दूसरे काम करते थे, इसके बावजूद उन्हें करोड़ों रुपये के चढ़ावे की गिनती की जिम्मेदारी दी गई.
जांच में कर्मचारियों की व्यवस्था करने वाली निजी फर्म की भूमिका भी खंगाली जा रही है. यह भी देखा जा रहा है कि कर्मचारियों के चयन और तैनाती की प्रक्रिया तय मानकों के अनुरूप थी या नहीं. सूत्रों के मुताबिक, SIT की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने स्तर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है.
बढ़ते चढ़ावे के बीच बदली थी गिनती की व्यवस्था
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में चढ़ावे की राशि में लगातार बढ़ोतरी हुई. महाकुंभ के दौरान कई दिनों तक प्रतिदिन एक करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा मिलने की जानकारी सामने आई. इसके बाद चढ़ावे की गिनती के लिए SBI ने एक निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से करीब 44 कर्मचारियों की तैनाती की थी, जो दो शिफ्ट में यह काम करते थे.
अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें छह आरोपी निजी फर्म से जुड़े बताए गए हैं, जबकि दो आरोपियों का संबंध मंदिर ट्रस्ट से बताया गया है. SIT यह भी जांच रही है कि लापरवाही केवल आरोपियों तक सीमित थी या निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की भी इसमें भूमिका रही.
ट्रस्ट के पत्र के बाद कई पहलुओं की पड़ताल
मामले के बीच ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने SIT को पत्र भेजकर बैंक के साथ हुए अनुबंध का उल्लेख किया है. उन्होंने बताया है कि समझौते में सुरक्षित गिनती के लिए जरूरी सभी प्रावधान शामिल थे. पत्र में कहा गया है कि सीसीटीवी, सुरक्षित कक्ष और अन्य सुरक्षा इंतजाम मौजूद होने के बावजूद अगर गड़बड़ी हुई तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
SIT फिलहाल सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन, बैंक अधिकारियों की भूमिका और पूरी गिनती व्यवस्था की समीक्षा कर रही है. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद निजी फर्म के साथ अनुबंध समाप्त करने, संबंधित कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई करने और चढ़ावे की गिनती की पूरी व्यवस्था में बदलाव जैसे फैसले लिए जा सकते हैं. समाचार लिखे जाने तक मामले में अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है.