बोर्ड मीटिंग में शोक और राहत
कार्यों की समीक्षा
टाटा समूह के नौ सदस्यीय बोर्ड,
जो पूरे समूह की 100 से अधिक कंपनियों की निगरानी करता है, ने हाल ही में हुई बैठक में हादसे में मृत लोगों को श्रद्धांजलि
अर्पित की. इस बैठक में चंद्रशेखरन ने अब तक किए गए राहत कार्यों और आगे की रणनीति
पर जानकारी साझा की. टाटा संस अपने मुख्य शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स के साथ मिलकर
पीड़ित परिवारों तक राहत पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है. हादसे में मारे गए
प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को ₹1 करोड़
की सहायता राशि देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है.
Air India: जून 12
की काली सुबह
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर
इंडिया की फ्लाइट AI-171, टेकऑफ
के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गई. इस हादसे में 275 लोगों की मौत हुई, जिनमें
241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल
थे. यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी विमानन त्रासदियों में से एक मानी जा रही है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, एन. चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के
दैनिक संचालन का सीधा प्रभार भी संभाल लिया है, जिससे राहत और पुनर्व्यवस्था के कार्यों में तेज़ी लाई जा सके.
वित्तीय सहयोग और रणनीतिक निवेश
2024-25 के वित्तीय वर्ष में, टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस ने मिलकर एयर
इंडिया में ₹9,558 करोड़ का निवेश किया. इसमें मार्च 2025
में अकेले टाटा समूह ने ₹4,306 करोड़ का निवेश किया.
- टाटा संस का योगदान: ₹3,224.82 करोड़
- सिंगापुर एयरलाइंस का योगदान: ₹6,333.18
करोड़
एयर इंडिया के कायाकल्प की योजना
जनवरी 2022 में टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया के अधिग्रहण के बाद, कंपनी ने पांच साल की परिवर्तन योजना (Transformation
Plan) की शुरुआत की थी. नवंबर 2024 में, विस्तारा
एयरलाइंस का एयर इंडिया में विलय हुआ, जिससे
सिंगापुर एयरलाइंस को एयर इंडिया में 25.1% हिस्सेदारी प्राप्त हुई.