Congress On NEET: शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने दावा किया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के गठन के बाद से अब तक 90 से अधिक परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है. यादव ने NEET परीक्षा के बाद 22 छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है.
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद से देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सरकार दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है. यादव के अनुसार, इन घटनाओं के कारण देश के नौजवानों में भारी आक्रोश है और छात्र लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों की पीड़ा को महसूस नहीं कर रहे हैं और सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है.
छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए कांग्रेस द्वारा "छात्रों की गूंज" अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्रत्येक सप्ताहांत कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. प्रदीप यादव ने बताया कि इस अभियान का अंतिम कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था चाहती है और शिक्षा को निजीकरण से मुक्त करने की मांग कर रही है. राहुल गांधी के नेतृत्व में यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सुधार नहीं हो जाता.
शिक्षा क्षेत्र की अव्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल केंद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड सरकार को भी पिछली सरकार से कई समस्याएं विरासत में मिली हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है. वहीं, विधायिका और कार्यपालिका के बीच चल रहे मतभेदों के सवाल पर यादव ने कहा कि दोनों संस्थाओं के बीच इस तरह की परिस्थितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था में समय-समय पर सामने आती रही हैं और यह कोई नई बात नहीं है.