JSDMS Financial Irregularities: झारखंड में झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी (JSDMS) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला फिर चर्चा में है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी बैंक गारंटी, ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को भुगतान और करोड़ों रुपये के लेनदेन की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
न्यायिक जांच और एफआईआर की मांग
बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में कहा कि JSDMS में वर्ष 2023-24 से अब तक हुए वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों की स्वतंत्र एजेंसी या नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से विशेष ऑडिट कराया जाना चाहिए. उनका कहना है कि पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए.
ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को भुगतान पर उठाए सवाल
मरांडी का आरोप है कि फर्जी बैंक गारंटी के मामले में छह कंपनियों को अगस्त 2024 में दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया था, लेकिन बाद में लोकहित का हवाला देकर अक्टूबर 2024 में उन्हें सूची से हटा दिया गया. इसके बाद इन कंपनियों को करीब 55 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का दावा किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त 2025 में कार्रवाई शुरू होने के बाद इन्हीं कंपनियों को दोबारा ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं.
एसीबी जांच समेत कई कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को उनके वर्तमान दायित्वों से हटाया जाए और 55 करोड़ रुपये के भुगतान की वैधानिकता की भी जांच हो. साथ ही संबंधित कंपनियों को नए कार्यादेश और भुगतान पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने पर सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की गई है. उन्होंने शैलेन्द्र लाल, राजन श्रीवास्तव और विश्वरूप ठाकुर की भूमिका की विशेष जांच कराने के साथ उनकी संपत्तियों की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कराने की भी मांग की है.