US Iran Conflict: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर तेज हो गया है. अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई कार्रवाई करने की जानकारी दी है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है. हालात का असर होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है.
अमेरिका ने कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, भारतीय समयानुसार गुरुवार तड़के सैन्य अभियान शुरू किया गया. इस दौरान ग्रेटर टुंब द्वीप पर मौजूद तटीय रक्षा प्रणाली, क्रूज मिसाइल भंडारण केंद्र और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया. अमेरिकी सेना का कहना है कि अभियान करीब 90 मिनट तक चला और इसके बाद भी अतिरिक्त हवाई कार्रवाई की गई. साथ ही चेतावनी का पालन नहीं करने पर होर्मुज क्षेत्र में एक तेल टैंकर को निष्क्रिय करने का भी दावा किया गया है.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
ईरान पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा कर चुका है. यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. मौजूदा तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. क्षेत्र के कई देशों ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है.
ईरान के दावे और अंतरराष्ट्रीय अपील
ईरान ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. कुवैत ने कई मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जबकि जॉर्डन ने सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ईरानी सरकारी मीडिया ने 35 से अधिक लोगों की मौत और 300 से ज्यादा लोगों के घायल होने का दावा किया है, जिसकी भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर सैन्य दबाव जारी रहेगा और बातचीत की संभावना बनी हुई है. दूसरी ओर ईरानी नेतृत्व ने अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों से समझौता नहीं करने की बात दोहराई है. बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने और स्थिति को और न बिगाड़ने की अपील कर रहा है.