Jamshedpur: देशभर में चर्चित डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जमशेदपुर में बड़ी कार्रवाई की है। चंडीगढ़ CBI की टीम ने झारखंड CBI के सहयोग से परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह निवासी टी शरत को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रांची की अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर उसे आगे की पूछताछ के लिए चंडीगढ़ ले जाया गया।
बैंक खाते के जरिए पहुंची थी ठगी की रकम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने बैंक खाते के माध्यम से साइबर ठगी की रकम प्राप्त करता था और इसके एवज में कमीशन लेता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, डिजिटल अरेस्ट के जरिए की गई ठगी की करीब डेढ़ लाख रुपये की राशि उसके खाते में भी ट्रांसफर हुई थी। आरोप है कि वह इस काम के बदले लगभग दो प्रतिशत कमीशन हासिल करता था।
सेवानिवृत्त इंजीनियर से दो करोड़ रुपये की ठगी
CBI की जांच के मुताबिक, चंडीगढ़ बिजली विभाग के सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता सुखविंद्र सिंह को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब दो करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। ठगों ने रिटायरमेंट के बाद मिली राशि को अलग-अलग किश्तों में विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिया। जांच में पता चला कि यह रकम करीब 60 बैंक खातों में भेजी गई थी, जिनमें टी शरत का बैंक खाता भी शामिल है।
पहले भी हुई थी पूछताछ
इस मामले की जांच के दौरान CBI इससे पहले गोलमुरी क्षेत्र में भी कार्रवाई कर चुकी है। जांच एजेंसी ने उस व्यक्ति से पूछताछ की थी, जिसके नाम पर ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल सिम पंजीकृत था। एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
CBI का मानना है कि यह एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का हिस्सा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।