Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित 15 दिवसीय योग, आयुर्वेद दर्शन एवं नशा मुक्ति शिविर का मंगलवार को समापन हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों, युवाओं और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। पंद्रह दिनों तक चले इस शिविर में प्रतिभागियों को नियमित रूप से योग, प्राणायाम, ध्यान और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना था।
योग प्रशिक्षक हुए सम्मानित
समापन समारोह के दौरान चैंबर अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्य योग प्रशिक्षक किशोर मिश्रा को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत अध्यक्ष सह चैंबर महासचिव मनोज कुमार चौधरी मौजूद रहे। इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ के जिला प्रतिनिधि नंदकिशोर झा, वीरेंद्र नाथ महतो और विश्वनाथ परिहारी ने भी योग और आयुर्वेद के महत्व पर अपने विचार रखे।
योग से तनाव और बीमारियों से बचाव संभव
मुख्य योग प्रशिक्षक किशोर मिश्रा ने कहा कि नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है और मानसिक शांति मिलती है। उन्होंने आयुर्वेद को प्राकृतिक और वैज्ञानिक जीवन पद्धति बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव और नशे की प्रवृत्ति से बचने के लिए योग काफी प्रभावी माध्यम है। वहीं मुख्य अतिथि मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि बदलती जीवनशैली में योग अब केवल अभ्यास नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी बन गया है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूरी बनाकर योग को अपनाने की अपील की।
नशामुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
नंदकिशोर झा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य परंपरा है। प्रतिदिन 30 से 45 मिनट योग और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाकर कई जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है। चैंबर अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने के लिए संगठन भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। कार्यक्रम में गौर गोविंद साह, सत्यनारायण अग्रवाल, संजय अग्रवाल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समापन के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संकल्प लिया।