Himanshu Singh Murder Case: करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच में पुलिस को पूछताछ के दौरान एक अहम जानकारी हाथ लगी है. राजस्थान से गिरफ्तार किए गए भाजपा नेता और डीडी बार के संचालक नीरज सिंह की 72 घंटे की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद सोमवार को उन्हें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में पेश किया गया. अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
पूछताछ में सामने आई राहुल दुबे के फोन कॉल की बात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में पता चला कि वारदात से पहले आरोपी राहुल दुबे ने डीडी बार में अधिक बिल बनने पर छूट दिलाने के लिए नीरज सिंह को फोन किया था. हालांकि जांच में अब तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि दोनों के बीच हत्या की साजिश या किसी अन्य आपराधिक विषय पर बातचीत हुई थी. पुलिस इस कॉल डिटेल समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है.
आरोपियों के संपर्क को लेकर भी जांच जारी
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि हत्या के बाद नीरज सिंह का किसी आरोपी से संपर्क था या नहीं. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं इस मामले के एक अन्य फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
जमानत याचिका पर आज होगी सुनवाई
नीरज सिंह की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी. इसके अलावा मांगो स्थित उनके आवास से जब्त की गई दो गाड़ियों को रिलीज करने के लिए भी आवेदन दिया गया है. फिलहाल इस संबंध में अदालत ने कोई आदेश पारित नहीं किया है.
27 जून को हुई थी हिमांशु सिंह की हत्या
गौरतलब है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर करणी सेना नेता हिमांशु सिंह पर अपराधियों ने पहले हमला किया, फिर उन्हें पुलिस जीप से खींचकर चापड़ से वार कर मौत के घाट उतार दिया था. इस हमले में उनके साथी प्रत्युष भी गंभीर रूप से घायल हुए थे. घटना के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था.
11 आरोपी जा चुके हैं जेल
इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. वहीं शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.