Himanshu Singh Murder Case: जमशेदपुर में करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच के दौरान हिरासत में लिए गए सोनारी के निर्मल नगर निवासी रवि दास ने पुलिस कार्रवाई और पूछताछ को लेकर अपना पक्ष रखा है. उन्होंने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल के पुरुलिया स्थित अपने ससुराल से हिरासत में लिया गया था. करीब छह दिन तक पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया, क्योंकि जांच में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला.
राहुल दुबे के लोकेशन के आधार पर हुई थी पूछताछ
रवि दास ने बताया कि पुलिस को संदेह था कि फरार आरोपी राहुल दुबे को उन्होंने पुरुलिया में शरण दी है. उन्होंने कहा कि राहुल दुबे की लोकेशन एक बार पुरुलिया बस स्टैंड के आसपास मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर उनसे पूछताछ की. रवि दास ने साफ कहा कि उन्होंने न तो राहुल दुबे को कहीं छिपाया और न ही फरार होने में किसी तरह की मदद की.
2021 के एक मामले से थी राहुल दुबे से पहचान
उन्होंने बताया कि राहुल दुबे से उनकी पहचान वर्ष 2021 के एक आपराधिक मामले के दौरान हुई थी. उसके बाद दोनों के बीच कोई खास संपर्क नहीं रहा. उन्होंने कहा कि राहुल कदमा इलाके का रहने वाला है और कभी-कभी कुछ युवकों के साथ आता-जाता था, लेकिन उनकी उससे नियमित बातचीत नहीं होती थी.
भाजपा नेता नीरज सिंह से सिर्फ सामाजिक पहचान
रवि दास ने भाजपा नेता और डीडी बार संचालक नीरज सिंह से संबंधों पर भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनका नीरज सिंह से कोई राजनीतिक या व्यक्तिगत जुड़ाव नहीं है. उन्होंने बताया कि नीरज सिंह एक-दो बार मोहल्ले में नाली निर्माण और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान आए थे. पूजा-पाठ और सार्वजनिक आयोजनों में मुलाकात होती थी, लेकिन उससे आगे कोई संबंध नहीं था.
"पुलिस ने सम्मानजनक व्यवहार किया"
रवि दास ने कहा कि हिरासत के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ अच्छा व्यवहार किया. उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्होंने हर सवाल का ईमानदारी से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि डीएसपी मनोज ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों ने स्पष्ट कहा था कि जांच निष्पक्ष होगी और केवल दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि वह निर्दोष हैं तो उन्हें किसी झूठे मामले में नहीं फंसाया जाएगा.
27 जून को हुई थी घटना
गौरतलब है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी. वारदात के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया था. मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. इस केस में पुलिस अब तक राहुल दुबे, राघवेंद्र समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार या आत्मसमर्पण के बाद जेल भेज चुकी है. वहीं भाजपा नेता और डीडी बार संचालक नीरज सिंह को भी हत्या की साजिश से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया. पुलिस का दावा है कि हत्या से पहले आरोपियों और नीरज सिंह के बीच बातचीत के साक्ष्य मिले थे, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई.
युवाओं से अपराध छोड़ने की अपील
रवि दास ने युवाओं से अपराध की दुनिया से दूर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि अपराध का नुकसान दोनों परिवारों को होता है. किसी की हत्या होती है तो पीड़ित परिवार जीवनभर दुख झेलता है, वहीं आरोपी का परिवार भी जेल और कानूनी कार्रवाई की वजह से परेशान रहता है. उन्होंने कहा कि यदि किसी को किसी अपराध की जानकारी मिले या कोई अपराधी शरण मांगने आए तो उसकी मदद करने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए. कानून से बड़ा कोई नहीं है और अपराध का अंत हमेशा बुरा होता है.