Chaibasa News: सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 26वीं बटालियन में इंस्पेक्टर पद पर तैनात 57 वर्षीय महेंद्र तिरिया का शुक्रवार को चाईबासा के एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे मूल रूप से मझगांव थाना क्षेत्र के धोबा धोबी गांव के निवासी थे और वर्तमान में राजस्थान के जैसलमेर के रामगढ़ में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शनिवार को सदर अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम कराया गया।
शुगर लेवल बढ़ने से बिगड़ी तबीयत
परिजनों के अनुसार महेंद्र तिरिया लंबे समय से मधुमेह से पीड़ित थे। राजस्थान में ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और शुगर लेवल काफी बढ़ जाने पर विभाग ने उन्हें छुट्टी देकर घर भेज दिया। 6 जुलाई को चाईबासा पहुंचने के बाद उनकी हालत और गंभीर हो गई, जिसके बाद उन्हें निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
जवान के निधन की सूचना मिलते ही बीएसएफ के अधिकारी और जवान चाईबासा पहुंचे। उन्होंने पूरे सैन्य सम्मान के साथ तिरंगे में लपेटकर महेंद्र तिरिया को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
घटना की जानकारी मिलने पर सदर थाना पुलिस नर्सिंग होम पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मौत के स्पष्ट कारणों का पता लगाया जा रहा है।
महेंद्र तिरिया के निधन से शोक की लहर
महेंद्र तिरिया वर्ष 1988 बैच के बीएसएफ जवान थे और अपनी कर्तव्यनिष्ठा तथा मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। ग्रामीणों के अनुसार वे छुट्टी पर गांव आने पर युवाओं को देश सेवा और अर्धसैनिक बलों में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। अपने पीछे वे पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से गांव और बीएसएफ परिवार में शोक की लहर है।