Ranchi News : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा में OMR शीट की मार्किंग में हुई गलती के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अभ्यर्थी को राहत देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने राजन कुमार सिंह की याचिका खारिज कर दी।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। याचिकाकर्ता ने JPSC के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें OMR शीट में बबलिंग की त्रुटि के कारण उनका परिणाम प्रकाशित नहीं किया गया था।
कोर्ट ने कहा- नियमों के अनुरूप हुई कार्रवाई
सुनवाई के दौरान JPSC की ओर से अदालत को बताया गया कि OMR शीट में गलत मार्किंग होने की स्थिति में उत्तर पुस्तिका रद्द करने का स्पष्ट निर्देश पहले से ही झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में दिया जा चुका है। ऐसे में आयोग ने निर्धारित नियमों के अनुरूप ही कार्रवाई की है।
आयोग ने अदालत को बताया कि राजन कुमार सिंह की OMR शीट में प्रश्न पत्र-1 के बबल भरने में त्रुटि पाई गई थी। इसी कारण उनकी OMR शीट रद्द कर दी गई और उनका परिणाम जारी नहीं किया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकलपीठ में हुई थी। बाद में एकलपीठ ने मामले को खंडपीठ के समक्ष भेज दिया था। अब खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए JPSC के निर्णय को सही ठहराया है।