Jharkhand: झारखंड की महिला किसानों ने कृषि क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। राज्य के देवघर और गुमला जिले में उत्पादित आम्रपाली किस्म के आम अब दुबई के प्रमुख रिटेल स्टोर्स में ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। पहली बार झारखंड की महिला किसान उत्पादक संस्थाओं (FPO) द्वारा तैयार आमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किया गया है, जिससे महिला किसानों के लिए वैश्विक व्यापार के नए अवसर खुले हैं।
तीन महिला किसान उत्पादक संगठनों ने हासिल की उपलब्धि
इस निर्यात अभियान में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़े तीन महिला किसान उत्पादक संगठनों की अहम भूमिका रही। इनमें मनोन्नति मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी (देवघर), गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और एमवीएम बधिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड शामिल हैं। इन संगठनों द्वारा उत्पादित आम्रपाली आमों की पहली खेप सफलतापूर्वक दुबई भेजी गई, जहां उन्हें लुलु रिटेल स्टोर्स में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है।
वैश्विक मानकों के अनुरूप हुई पैकिंग और निर्यात
निर्यात से पहले आमों की ग्रेडिंग, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स की पूरी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूरी की गई। इस पहल को सफल बनाने में जेएसएलपीएस, जिला प्रशासन, बिरसा हरित ग्राम योजना (मनरेगा) और एपीडा (APEDA) का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इसका उद्देश्य महिला किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और उन्हें सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ना है।
पलाश ब्रांड से विदेश तक पहुंचा झारखंड का आम
जेएसएलपीएस ने इस वर्ष पलाश ब्रांड के तहत राज्य के विभिन्न शहरों में आम बिक्री केंद्र भी संचालित किए थे। स्थानीय स्तर पर अच्छी मांग मिलने के बाद अब इन्हीं आमों का निर्यात दुबई तक किया गया है। इस पहल से न केवल महिला किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि झारखंड के कृषि उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने का रास्ता खुला है।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बढ़ रहा बाजार
जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और विपणन व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।