Jamshedpur: जमशेदपुर में मलेरिया के बढ़ते मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक, सिविल सर्जन, नगर निकायों के पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), एमओआईसी, जुस्को के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मलेरिया की रोकथाम के लिए जांच, उपचार, निगरानी, फॉगिंग और जनजागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
गांव स्तर पर जांच क्षमता बढ़ाने के निर्देश
उपायुक्त ने सहियाओं को आवश्यकता के अनुसार मलेरिया जांच (RDT) का प्रशिक्षण देकर ग्राम स्तर पर जांच क्षमता बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही मरीजों द्वारा मलेरिया रोधी दवाओं के नियमित सेवन की निगरानी फोटो, व्हाट्सएप और जीपीएस आधारित रिपोर्टिंग के माध्यम से सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित और सीमावर्ती गांवों में सर्विलांस, जांच और निगरानी गतिविधियों का दायरा बढ़ाया जाए।
आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में विशेष जांच अभियान
बैठक में निर्णय लिया गया कि आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों, संस्थानों और सामूहिक आवासीय परिसरों में विशेष मलेरिया जांच अभियान चलाया जाएगा। उपायुक्त ने मलेरिया नियंत्रण की साप्ताहिक एवं मासिक समीक्षा नियमित रूप से करने तथा अधिक प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिदिन समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेक्टर जनित रोग (VBD) कार्यक्रम से जुड़े कर्मियों के कार्यों की मासिक समीक्षा करने और इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) अभियान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
जांच और उपचार को बताया सबसे प्रभावी उपाय
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि अधिक से अधिक मलेरिया जांच संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र के फील्ड स्टाफ से प्रतिदिन फीडबैक लें और प्रत्येक प्रखंड स्तरीय बैठक में मलेरिया नियंत्रण की समीक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा, "जितनी शीघ्र प्रतिक्रिया होगी, उतनी तेजी से संक्रमण पर नियंत्रण लगेगा।"
गंभीर मरीजों के लिए 30 मिनट में एंबुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश
बैठक में गंभीर मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता पड़ने पर 30 मिनट या उससे कम समय में एंबुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जरूरत पड़ने पर अन्य प्रखंडों से भी बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। उपायुक्त ने बीडीओ और एमओआईसी को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए सभी गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
22 हजार जांच पूरी, एक लाख जांच का लक्ष्य
समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 22 हजार मलेरिया जांच की जा चुकी है, जबकि एक लाख जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक जांच कर संक्रमित मरीजों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि बीमारी के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग के निर्देश
उपायुक्त ने सिविल सर्जन को प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग के लिए पर्याप्त मात्रा में आवश्यक रसायन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिन क्षेत्रों में मलेरिया के अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर रोस्टर बनाकर नियमित फॉगिंग कराने को कहा गया। जिन पंचायतों में फॉगिंग मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
नालों की सफाई और जनजागरूकता अभियान पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी और शहर से सटे इलाकों में भी युद्धस्तर पर फॉगिंग और जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने नगर निकायों के अधिकारियों को अगले तीन से चार दिनों के भीतर बड़े और छोटे सभी नालों की विशेष सफाई कराने का निर्देश दिया, ताकि जलजमाव रोका जा सके और मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके।