Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम के जादूगोड़ा की बेटी मेघा महापात्र ने शोध के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए झारखंड का नाम रोशन किया है। एनआईटी जमशेदपुर में किए गए उनके शोध को भारत सरकार ने पेटेंट प्रदान किया है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे कोल्हान और झारखंड के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
5G और स्वचालित वाहनों के लिए उपयोगी होगी तकनीक
मेघा महापात्र वर्तमान में गालूडीह कॉलेज में प्राध्यापक हैं। नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने एनआईटी जमशेदपुर में शोध कार्य जारी रखा। उनके द्वारा विकसित विशेष एंटीना तकनीक 20 GHz से 60 GHz mmWave फ्रीक्वेंसी पर कार्य करने के लिए तैयार की गई है। इसकी सन-शेप्ड (Sun-shaped) संरचना सिग्नल में आने वाले व्यवधान को कम करने में मदद करती है। भविष्य में इसका उपयोग 5G संचार, वाहन-से-वाहन (V2V), वाहन-से-इन्फ्रास्ट्रक्चर (V2I) और स्वचालित वाहनों की संचार प्रणाली में किया जा सकता है।
एनआईटी की टीम ने मिलकर पूरा किया शोध, युवाओं और बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
यह शोध एनआईटी जमशेदपुर के प्रोफेसर डॉ. सुरजीत कुंड के मार्गदर्शन में पूरा हुआ। इस परियोजना में प्रो. अरविंद कुमार, धीरज पांडे और अन्य शोधकर्ताओं का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्थान के निदेशक ने पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे नवाचार और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मेघा महापात्र की सफलता इस बात का उदाहरण है कि समर्पण, मेहनत और निरंतर प्रयास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से शोध और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छुक युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।